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RAJASTHAN DOP NEW RULES || राजस्थान में अब हर साल रिक्त पदों पर होंगी भर्ती || कार्मिक विभाग के नियम जारी

RAJASTHAN DOP NEW RULES

राजस्थान में समयबद्ध रिक्त पदों पर भर्ती हेतु मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का बड़ा फैसला || प्रतिवर्ष रिक्त पदों पर भर्ती एवं समयबद्व भर्ती कलेण्डर के लिए कार्मिक विभाग( RAJASTHAN DOP NEW RULES) के दिशा निर्देश जारी

जयपुर|| राजस्थान में अब समयबद्व भर्तियो के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देशों के अनुरूप मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने विस्तृत दिशा निर्देश ( RAJASTHAN DOP NEW RULES ) जारी कर दिए है।

कार्मिक विभाग ने पूर्व में जारी 5 अप्रैल 2021 के दिशा निर्देशों ( RAJASTHAN DOP NEW RULES) के अतिक्रमण में भर्तियो के पदों के निर्धारण, अभ्यर्थना भेजने, भर्ती कलेण्डर एवं विज्ञप्ति, परीक्षा परिणाम, दस्तावेज सत्यापन, पदस्थापन एवं नियुक्ति से सम्बंधित विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए गए है।

अब विभाग को भर्ती हेतु किसी भी प्रकार की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं रहेगी तथा विभाग सीधे भर्ती एजेंसी या बोर्ड को अभ्यर्थना भेज सकेंगे।

भर्तियो के सम्बंध में कार्मिक विभाग द्वारा जारी नवीन दिशा निर्देश ( RAJASTHAN DOP NEW RULES ) निम्नानुसार है।

1.रिक्तियों का निर्धारण एवं अर्थना:-

सेवा नियमों में सभी नियोक्ता प्राधिकारियों को 1 अप्रैल तक किसी भी सेवा संवर्ग में रिक्त होने वाले पदों की वास्तविक संख्या की गणना करनी होंगी। रिक्त पदों की गणना के बाद भर्ती की अर्थना हेतु निम्न दिशा निर्देश जारी किए गए है।

1. सभी प्रशासनिक विभागों द्वारा सीधी भर्ती के पदों के संबंध में वर्ष भर उपलब्ध होने वाली सभी रिक्तियों की गणना अनिवार्य रूप से 15 अप्रैल तक करते हुए इसे विभागीय रिकॉर्ड में उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करना होगा

2. सीधी भर्ती के उद्देश्य से 15 अप्रैल तक रिक्तियों की गणना करने के लिए 1 अप्रैल को उपलब्ध वास्तविक रिक्तियों ,वर्ष पर्यंत सेवानिवृत्ति एवं 15 अप्रैल तक अन्य किसी भी कारण यथा नवीन पद सर्जन आदि से प्राप्त रिक्तियों को शामिल किया जाएगा।

3. सबसे बड़ा नियम यह किया गया है कि भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने एवं रिक्त पदों को भरने के लिए कार्मिक विभाग की सहमति की आवश्यकता नहीं होगी लेकिन पदों की वर्गीकरण में आरक्षण एवं दोस्त संबंधी किसी विषय के संबंध में विवाद की स्थिति होने पर या आवश्यकतानुसार कार्य में विभाग से मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है।

4. कार्मिक विभाग द्वारा प्रतिवर्ष दिनांक 15 मई से पूर्व उन सभी विभागों जिनमें रिक्तियां विद्यमान है तथा सीधी भर्ती हेतु कार्यवाही प्रारंभ की जानी है कि संस्थापन कार्य से संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों की एक कार्यशाला आयोजित की जा कर सीधी भर्ती से संबंधित सेवा नियमों, प्रक्रिया तथा आरक्षण से संबंधित प्रावधानों के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा

5. कार्मिक विभाग द्वारा जिन विभागों में चालू वर्ष में सीधी भर्ती की कार्यवाही की जानी है की मई के तृतीय सप्ताह तक एक बैठक आयोजित की जाएगी।

6. प्रशासनिक विभाग द्वारा राजस्थान लोक सेवा आयोग/ राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड एवं अन्य भारतीय संस्था को भर्ती अर्थना प्रेषित करते समय अर्थना के साथ संलग्न प्रारूप में इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाएगा की भर्ती संबंधी पद के सेवा नियमों में संशोधन सहित प्रति उपलब्ध करवा दी गई है तथा वर्ग में रिक्तियों की गणना आरक्षण प्रावधानों एवं विभाग में आधारित रोस्टर पंजिका के अनुसार है।

7. विभाग द्वारा उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर सक्षम स्तर से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करने की कार्यवाही कर 21 मई से पूर्व भर्ती हेतु अर्थना आयोग /बोर्ड/ भर्ती संस्था को प्रेषित की जाएगी तथा विभाग अध्यक्ष द्वारा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि 21 मई से पूर्व भर्ती अर्थना भर्ती संस्था को प्राप्त हो जाए।

8. विभागों द्वारा रिक्त पदों पर प्रति वर्ष निर्धारित प्रक्रिया एवं समय सीमा अनुसार भर्ती करवाना सुनिश्चित किया जाएगा।

2.भर्ती कलेण्डर एवं विज्ञापन प्रकाशन:-

भर्ती प्रक्रिया को समय बाद किया जाने हेतु राजस्थान लोक सेवा आयोग तथा राजस्थान कर्मचारी चैन बोर्ड द्वारा आगामी वर्ष में होने वाली भर्ती ओए तू अग्रिम भर्ती कलेंडर किया जाए। प्रति कैलेंडर जारी किए जाने से न केवल पति संबंधित समस्त कार्य समय बाद रूप से संपादित किया जाना संभव होगा बल्कि इससे अभ्यर्थियों में भी भर्ती परीक्षा को लेकर स्पष्टता रहेगी। कार्मिक विभाग ने दिशा निर्देश जारी करते हुए भर्ती हेतु अर्थना प्राप्त होने के पश्चात आयोग बोर्ड द्वारा कार्रवाई की जाने के लिए कुछ नियम निर्धारित किए हैं जो निम्नानुसार है।:-

1. सभी विभागों द्वारा आयोग एवं चयन बोर्ड को प्राप्त भर्ती अर्थना का परीक्षण आयोग एवं चयन बोर्ड द्वारा 15 जुलाई से पूर्व सुनिश्चित किया जाए।

2. भर्ती अर्थना में आयोग/ बोर्ड द्वारा कमी इंगित किए जाने पर प्रशासनिक विभाग द्वारा अविलंब आयोग/ बोर्ड /भर्ती संस्था से समन्वय स्थापित कर 31 अगस्त से पूर्व भर्ती अर्थना को पूर्ण करने की कार्रवाई की जाएगी ताकि समय पर आगामी वर्ष का भर्ती कैलेंडर जारी किया जा सके।

3. आयोग/ बोर्ड द्वारा 30 सितंबर से पूर्व आगामी वर्ष का भर्ती कैलेंडर जिसमें प्रत्येक पद की भर्ती विज्ञापन एवं भर्ती के प्रत्येक चरण की परीक्षा /साक्षात्कार की संभावित समयावधि सहित पूर्ण विवरण प्रकाशित किया जाए। भर्ती संस्था द्वारा भर्ती कैलेंडर की सख्ती से पालना की जाए तथा अत्यंत आपवादिक/आपातिक स्थितियों के अलावा भर्ती कैलेंडर में कोई परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए।

4. राजस्थान लोक सेवा आयोग एवं राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड दोनों में अभ्यर्थियों के लिए आवेदन हेतु एक बार यह पंजीयन की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

5. किसी भी भर्ती में भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ होने के पश्चात सेवा नियम में होने वाले संसोधन को उस भर्ती में प्रभाव नहीं दिया जाए अर्थात प्रत्येक भर्ती में विज्ञापन जारी करने की तिथि तक के नियमों को विज्ञापन में भर्ती की शर्त के रूप में शामिल करते हुए विज्ञापन के अनुसार ही भर्ती पूर्ण की जाए।

3.परीक्षा परिणाम,चयन सूची एवं चयन सूची अभिस्तावना:-

कार्मिक विभाग ने नियमो में कहा कि परिणाम जारी होने के पश्चात दस्तावेज सत्यापन एवं चयन सूची की अभिस्तवना पूरी तरह से आयोग/बोर्ड/अन्य संस्था की आंतरिक कार्यवाही है

तथापि आयोग बोर्ड द्वारा दस्तावेज सत्यापन के कार्य में प्रशासनिक विभागों का भी सहयोग लिया जाता है। अतः परीक्षा परिणाम दस्तावेज सत्यापन एवं चयन सूची अभिस्तवना के कार्यो को समयबद्ध रूप से संपन्न करने के लिए निम्नानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

1. परीक्षा परिणाम जारी करना भर्ती संस्था का विशेषाधिकार है तथापि भर्ती संस्था से अपेक्षित है कि अंतिम परिणाम को जारी की जाने से पूर्वी ही प्रक्रिया/नियम/पात्रता/प्रश्न पत्र संबंधी आपत्तियां यदि हो तो उनका निस्तारण करते हुए परिणाम को त्रुटिरहित जारी किया जाए एवं न्यायालय आदेश को छोड़ कर यथासंभव संसोधित परिणाम जारी नही किया जाए।

2. परीक्षा परिणाम जारी होने के पश्चात दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में बहुत अधिक समय लगता है कई बार अनुपस्थित अभ्यर्थियों के कारण मेरिट एवं परीक्षा परिणाम में परिवर्तन होता है तथा चयन सूची कई चरणों में प्रेषित की जाती है परिणाम स्वरूप भर्ती पूर्ण होने में विलंब होता है इन सब के मद्देनजर भर्ती एजेंसी द्वारा दस्तावेज सत्यापन हेतु यथेष्ट संख्या में(पदों के 2 गुणा) अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया जाए ताकि मुख्य सूची एवं आरक्षित सूची हेतु यथा आवश्यक अभ्यर्थी उपलब्ध होती है।

3. भर्ती एजेंसी द्वारा भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी करने के पश्चात दस्तावेज सत्यापन का कार्य एक निर्धारित समय-सीमा जिसमें अधिकतम 45 दिवस के अंदर किया जाना चाहिए जिसमें प्रथम अवसर पर अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों को दिए जाने वाले पुण्य अवसर की समय अवधि शामिल है। रिक्तियों की संख्या बहुत अधिक होने की स्थिति में आवश्यक होने पर इसे 15 दिवस और बढ़ाया जा सकता है।

4. आयोग बोर्ड में विशेष रुप से सुदृढ़ दस्तावेज समीक्षा प्रकोष्ठ का गठन किया जाए।

आयोग एवं बोर्ड द्वारा एक बार यह पंजीयन की व्यवस्था इस प्रकार लागू की जाए कि उसका उपयोग केवल आवेदन पत्र भरने के लिए ही न किया जाकर दस्तावेज सत्यापन के लिए भी किया जा सके।

एक बार यह पंजीयन लागू होने के पश्चात जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों को किसी एक परीक्षा के पश्चात सत्यापन हो जाता है उसके पुनः सत्यापन की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।

5. दस्तावेज सत्यापन के पश्चात संपूर्ण चयन सूची एक बार में ही अभीस्थावित की जाए।

किसी भी स्थिति में चयन सूची टुकड़ों-टुकड़ों में अभिस्थावित ने की जाए। चयन सूची अभिस्थावित करते समय केवल उन प्रकरणों जिनमें न्यायालय से स्थगन है या जांच का विषय है को ही लंबित रखा जाना चाहिए।

4.पदस्थापन/नियुक्ति सम्बन्धी कार्यवाही:-

कार्मिक विभाग ने कहा कि वर्तमान में भर्ती संस्था से चयन सूची विभाग में प्राप्त होने के पश्चात नियुक्ति दिए जाने हेतु कोई निश्चित समय रेखा एवं समय सीमा नहीं है जिसके कारण विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग ढंग से कार्यवाही की जाती है परिणाम स्वरूप नियुक्ति पदस्थापन आदेश जारी करने में विलंब होता है अतः चयन सूची विभाग में प्राप्त होने के पश्चात सभी विभागों द्वारा नियमानुसार कार्यवाही किया जाने के लिए निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं।

1. विभाग में चयन सूची प्राप्त होने के पश्चात अधिकतम 1 माह में पदस्थापन आदेश जारी किया जाना आवश्यक होगा।

2. यदि चयनित अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन अधिशेष हो तो इस संबंध में विभाग के परिपत्र दिनांक 15 मई 2018 के अनुसार कार्यवाही करते हुए पदस्थापन आदेश जारी किए जाएं।

3. नियुक्ति आदेश जारी होने के 3 सप्ताह में कार्य ग्रहण करना अनिवार्य हो।नियुक्ति आदेश में ही यह शर्त हो कि 3 सप्ताह में कार्य ग्रहण न करने पर उस व्यक्ति की सीमा तक नियुक्ति आदेश स्वतः निरस्त समझा जाएगा तथा किसी अन्य आदेश की आवश्यकता नहीं होगी।

4. अभ्यर्थी द्वारा कार्य ग्रहण में वृद्धि हेतु नियुक्ति हेतु दी गई समय सीमा के कम से कम 7 दिन पूर्व सूचित किया जाएगा, जिस पर विभाग द्वारा कार्यग्रहण की अंतिम तिथि से पूर्व निर्णय किया जाए।

5. कार्यालयाध्यक्ष द्वारा कार्यग्रहण न करने वाले अभ्यर्थियो की सूचना कार्यग्रहण की अंतिम तिथि के 10 दिन की अवधि के भीतर आवश्यक रूप से विभाग को उपलब्ध करवानी होंगी।

इसके अतिरिक्त एक विशेष नियम जारी करते हुए भर्ती परीक्षा के समय परीक्षा कार्य हेतु ड्यूटी देने वाले अधिकारी/कर्मचारी परीक्षा ड्यूटी के दौरान राजस्थान लोक सेवा आयोग/राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अधीन प्रतिनियुक्ति पर माने जाएंगे

परीक्षा कार्य के दौरान अधिकारी/कर्मचारी द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही/अनुशासनहीनता पर आयोग /बोर्ड द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित की जा सकेगी जिस पर संबंधित प्रशासनिक विभाग द्वारा आयोग बोर्ड के प्रस्ताव अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

उक्त सभी नियम आगे से जारी होने वाली सभी भर्तियो पर लागू होंगे तथा इनकी पालना हेतु कार्मिक विभाग एवं मुख्य सचिव ने निर्देश दिए है।

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