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राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की यह 3 भर्तियां अब संदेह के घेरे में....बोर्ड ने गठित की जांच कमेटी....नही जारी हो सकेगा परिणाम

जयपुर
प्रशासनिक लापरवाही के चलते अब सैकड़ों बेरोजगारों की नौकरी का सपना चकनाचूर हो सकता है क्योंकि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की तीन बड़ी भर्तियां संदेह के घेरे में आ गई है पैसे लेकर गलत तरीके से चयन की उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मामला राजस्थान सरकार के पास पहुंच गया है। आपको बता दे कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित की जा रही प्रयोगशाला सहायक भर्ती 2018 महिला सुपरवाइजर भर्ती 2018 एवं कृषि पर्यवेक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को अब फाइनल परिणाम के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है क्योंकि मामला यह है कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने इन तीनों भर्ती परीक्षा की परीक्षा आयोजित करवाई थी जिसके लिए ओएमआर जांच एवं स्कैनिंग कार्य को संपन्न करवाने का जिम्मा उत्तर प्रदेश की एक फर्म रामव लिमिटेड को कार्य दिया गया था...जहाँ ओएमआर को भरकर गलत तरीके से कुछ लड़कों को चयन करके धंधली पूर्वक फायदा पहुंचाया जहाँ रहा था जिस पर कार्यवाही करते हुए उत्तरप्रदेश पुलिस ने एक गैंग को गिरफ्तार किया था।
तीनों भर्ती की आगे की प्रकिया पर क्या रहेगा असर देखे स्पेशल रिपोर्ट

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जिसके बाद मामले की पूरी जानकारी राजस्थान सरकार एवं पुलिस तक पहुंची है जिसके बाद अब बोर्ड ने तीनों भर्तियो के इस मामले पर जांच कमेटी गठित कर दी है। वही राजस्थान पुलिस गृह विभाग ने मामले पर रिजल्ट की स्क्रूटनी करने या नया सिरे से चयन का अनुरोध किया है जिसके बाद बोर्ड ने कमेटी गठित की है।
तीनों भर्तियो के मामले पर ज़ी राजस्थान की स्पेशल रिपोर्ट देखने के लिए इस लिंक पर जाए।

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कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही होंगी आगे की प्रक्रिया:-
तीनो भर्तियो में पदों का 1.5 गुणा परिणाम जारी होने के साथ दस्तावेज सत्यापन का कार्य हो चुका है लेकिन अब फाइनल परिणाम कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही जारी हो सकेगा एवं भर्ती का भविष्य भी कमेटी की रिपोर्ट पर तय होंगा।

न्यायालय ने लगा रखी है रोक।
फर्जीवाड़े की खबर के बाद कुछ अभ्यर्थियो ने न्यायालय की शरण ली है जिस में महिला सुपरवाइसर भर्ती 2018 की आगे की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है एवं अन्य पर जवाब मांगा गया है।




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