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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019, 30 जून तक दर्ज होंगी आपत्ति- इस प्रकार दर्ज कराए आपत्ति

जयपुर
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 का ड्राफ्ट जनता के सामने रखते हुए इस पर आमजनता से 30 जून 2019 तक सुझाव मांगे गए है।नए एचआरडी मिनिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक के पद संभालने के कुछ देर बाद ही नई एजुकेशन पॉलिसी बना रही कमिटी ने इसका ड्राफ्ट सौंपा जिसके बाद इसे HRD की वेबसाइट पर डालकर सार्वजनिक कर दिया गया है।
नई शिक्षा नीति 2019 की हिंदी भाषा मे PDF को इस लिंक से डाउनलोड करे।

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नई शिक्षा नीति 2019 के ड्राफ्ट जारी होने के बाद देश के विभिन्न स्थानों से उठे विवादों के सवालों के बाद HRD ने प्रेस नोट कर बताया कि यह सिर्फ ड्राफ्ट है इस पर अपेक्षित सुझाव 30 जून तक लेने एवं राज्य सरकारों से चर्चा के बाद इसे लागू किया जाएगा।
HRD द्वारा जारी प्रेस नोट को इस लिंक से डाउनलोड करे।

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आप भी nep.edu@nic.in पर जाकर अपने सुझाव मेल कर सकते है।
नई शिक्षा नीति पर अपने सुझाव भेजने के लिए इस लिंक पर जाए।

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नई शिक्षा नीति में सबसे बड़ा विवाद अध्यापक भर्ती में होने वाले साक्षात्कार को लेकर उत्तपन्न हुआ है जिसमे अभ्यर्थियो का आरोप है कि यदि ऐसा लागू होता है तो भृष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा और आम अभ्यर्थी वंचित रह जाएगा।
नई शिक्षा नीति 2019 की प्रमुख बातें:-
1.देशभर के स्कूलों में 2022 तक पैरा टीचर की प्रैक्टिस पूरी तरह से खत्म कर दी जाएगी। स्कूलों में स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति होगी। देश में घटिया और केवल डिग्री बांट रहे टीचर एजुकेशन इंस्टीट्यूट बंद होंगे।  2030 से शिक्षक बनने की न्यूनतम अर्हता चार वर्षीय बीएड रहेगी। 

2.माध्यमिक तक अनिवार्य होगा टीईटी
सरकारी और निजी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) और एनटीए परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। बुनियादी, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक भी टीईटी के दायरे में आएगी। अतिरिक्त विषय शिक्षकों की भर्ती को एनटीए की परीक्षा पास करनी होगी।

3.तीन वर्ष का होगा शिक्षकों का प्रोबेशनल काल 
शिक्षा नीति में सभी स्तरों पर शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए एक टेन्योर ट्रैक सिस्टम स्थापित करने का प्रस्ताव है। इस सिस्टम में टीचर को तीन वर्ष के प्रोबेशन पीरियड पर रखा जाएगा। इसके बाद उसके प्रदर्शन पर उसे स्थाई किया जाएगा। 

4.शिक्षकों का अनावश्यक ट्रांसफर नहीं, सात वर्ष रुकेंगे 
शिक्षक-छात्र समुदाय के संबंधों की निरंतरता तय करने के लिए शिक्षकों के तबादलों को रोकना और कम करने का प्रस्ताव भी है। शिक्षकों के तबादले स्कूल कॉप्लेक्स के बाहर नहीं करने का सुझाव दिया गया है। स्कूल कॉम्पलेक्स क्षेत्र विशेष में अनेक स्कूलों का समूह होगा। शिक्षकों का कार्यकाल किसी एक स्कूल में पांच से सात साल प्रस्तावित है। 


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14 Comments

  1. सेवा में

    श्री मान शिक्षा मंत्री महोदय
    एम एच आर डी
    नई दिल्ली

    विषय: नई शिक्षा नीति ड्राफ्ट में सुधार के । संबंध में

    महोदय

    नई शिक्षा नीति का हम स्वागत करते है इससे जरूर अच्छे शिक्षक और विद्यार्थी समाज को मिलेंगे।लेकिन

    इस ड्राफ्ट में कुछ कमियां प्रमुख है:

    1- इंटरव्यू पूरी तरह से पहले ही खत्म किया जा चुका है तो इंटरव्यू पूरी तरह से खत्म होना चाहिए क्योंकि यह भ्रष्टाचार को चरम सीमा तक बढ़ाने का कार्य करेगा।

    2- बीआरसी पर होने वाला डेमो अधिकारियों के लिए सिर्फ भ्रष्टाचार का एक जरिया बन जाएगा।

    3- तीन साल का प्रोवेशन टाइम नहीं होना चाहिए उसको एक साल का ही रहना चाहिए।

    4- NTA जो भी एग्जाम ले वो भी नियुक्ति से पहले हो

    5- टीईटी के बाद सुपर टीईटी में 14 विषयों को मिलाकर एग्जाम लिया जा रहा है जिससे NTA परीक्षा की कोई भी आवश्यकता ही नहीं है

    6- टीईटी को भले ही आप कठिन स्तर का बना दे लेकिन बार बार पास करने की वैधता खत्म होनी चाहिए।

    7- यूजीसी नेट की तरह सीटेट और टीईटी दोनों आजीवन मान्य हो।

    8- जब टीईटी पास कर ले उसके बाद भी लिखित पेपर क्यों

    महोदय जो विचार मैंने आपके समक्ष प्रस्तुत किए है कृपया उन बिंदुओं पर विचार हो।

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    1. *सेवा में*

      *श्री मान शिक्षा मंत्री* *महोदय*
      *एम एच आर डी*
      *नई दिल्ली*

      *विषय: नई शिक्षा नीति ड्राफ्ट 2019 में सुधार के संबंध में*

      *महोदय*

      *नई शिक्षा नीति का हम स्वागत करते है इससे जरूर अच्छे शिक्षक और विद्यार्थी समाज को मिलेंगे।लेकिन*

      *इस ड्राफ्ट में कुछ कमियां प्रमुख है:*

      *1- इंटरव्यू पूरी तरह से पहले ही खत्म किया जा चुका है तो इंटरव्यू पूरी तरह से खत्म होना चाहिए क्योंकि यह भ्रष्टाचार को चरम सीमा तक बढ़ाने का कार्य करेगा।*

      *2- बीआरसी पर होने वाला डेमो अधिकारियों के लिए सिर्फ भ्रष्टाचार का एक जरिया बन जाएगा।*

      *3- तीन साल का प्रोवेशन टाइम नहीं होना चाहिए उसको एक साल का ही रहना चाहिए।*

      *4- NTA जो भी एग्जाम ले वो भी नियुक्ति से पहले हो*

      *5- टीईटी के बाद सुपर टीईटी में 14 विषयों को मिलाकर एग्जाम लिया जा रहा है जिससे NTA परीक्षा की कोई भी आवश्यकता ही नहीं है*

      *6- टीईटी को भले ही आप कठिन स्तर का बना दे लेकिन बार बार पास करने की वैधता खत्म होनी चाहिए।*

      *7- यूजीसी नेट की तरह सीटेट और टीईटी दोनों आजीवन मान्य हो।*

      *8- जब टीईटी पास कर ले उसके बाद भी लिखित पेपर क्यों*

      *महोदय जो विचार मैंने आपके समक्ष प्रस्तुत किए है कृपया उन बिंदुओं पर विचार हो।*

      *धन्यवाद*

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  2. *सेवा में*

    *श्री मान शिक्षा मंत्री* *महोदय*
    *एम एच आर डी*
    *नई दिल्ली*

    *विषय: नई शिक्षा नीति ड्राफ्ट 2019 में सुधार के संबंध में*

    *महोदय*

    *नई शिक्षा नीति का हम स्वागत करते है इससे जरूर अच्छे शिक्षक और विद्यार्थी समाज को मिलेंगे।लेकिन*

    *इस ड्राफ्ट में कुछ कमियां प्रमुख है:*

    *1- इंटरव्यू पूरी तरह से पहले ही खत्म किया जा चुका है तो इंटरव्यू पूरी तरह से खत्म होना चाहिए क्योंकि यह भ्रष्टाचार को चरम सीमा तक बढ़ाने का कार्य करेगा।*

    *2- बीआरसी पर होने वाला डेमो अधिकारियों के लिए सिर्फ भ्रष्टाचार का एक जरिया बन जाएगा।*

    *3- तीन साल का प्रोवेशन टाइम नहीं होना चाहिए उसको एक साल का ही रहना चाहिए।*

    *4- NTA जो भी एग्जाम ले वो भी नियुक्ति से पहले हो*

    *5- टीईटी के बाद सुपर टीईटी में 14 विषयों को मिलाकर एग्जाम लिया जा रहा है जिससे NTA परीक्षा की कोई भी आवश्यकता ही नहीं है*

    *6- टीईटी को भले ही आप कठिन स्तर का बना दे लेकिन बार बार पास करने की वैधता खत्म होनी चाहिए।*

    *7- यूजीसी नेट की तरह सीटेट और टीईटी दोनों आजीवन मान्य हो।*

    *8- जब टीईटी पास कर ले उसके बाद भी लिखित पेपर क्यों*

    *महोदय जो विचार मैंने आपके समक्ष प्रस्तुत किए है कृपया उन बिंदुओं पर विचार हो।*

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  3. सेवा मे,
    श्रीमान शिक्षा मंत्री महोदय
    एम एच आर डी
    नई दिल्ली

    महोदय
    1-इंटरव्यू को लागु ना किया जाये ये शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार को फलायेगा ।
    2-प्रोवेशन को 1 साल का किया जाना चाहिए ।
    3-शिक्षा विभाग में पुरानी पेशन लागु कि जानी चाहिए ताकी बुढापे की चिन्‍ता न रहे।

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  4. *सेवा में*

    *श्री मान शिक्षा मंत्री* *महोदय*
    *एम एच आर डी*
    *नई दिल्ली*

    *विषय: नई शिक्षा नीति ड्राफ्ट 2019 में सुधार के संबंध में*

    *महोदय*

    *नई शिक्षा नीति का हम स्वागत करते है इससे जरूर अच्छे शिक्षक और विद्यार्थी समाज को मिलेंगे।लेकिन*

    *इस ड्राफ्ट में कुछ कमियां प्रमुख है:*

    *1- इंटरव्यू पूरी तरह से पहले ही खत्म किया जा चुका है तो इंटरव्यू पूरी तरह से खत्म होना चाहिए क्योंकि यह भ्रष्टाचार को चरम सीमा तक बढ़ाने का कार्य करेगा।*

    *2- बीआरसी पर होने वाला डेमो अधिकारियों के लिए सिर्फ भ्रष्टाचार का एक जरिया बन जाएगा।*

    *3- तीन साल का प्रोवेशन टाइम नहीं होना चाहिए उसको एक साल का ही रहना चाहिए।*

    *4- NTA जो भी एग्जाम ले वो भी नियुक्ति से पहले हो*

    *5- टीईटी के बाद सुपर टीईटी में 14 विषयों को मिलाकर एग्जाम लिया जा रहा है जिससे NTA परीक्षा की कोई भी आवश्यकता ही नहीं है*

    *6- टीईटी को भले ही आप कठिन स्तर का बना दे लेकिन बार बार पास करने की वैधता खत्म होनी चाहिए।*

    *7- यूजीसी नेट की तरह सीटेट और टीईटी दोनों आजीवन मान्य हो।*

    *8- जब टीईटी पास कर ले उसके बाद भी लिखित पेपर क्यों*

    *महोदय जो विचार मैंने आपके समक्ष प्रस्तुत किए है कृपया उन बिंदुओं पर विचार हो।*

    *मेघराज मीणा (एडमिन पैनल)*
    *📖📖 सर्वश्रेष्ठ लाईब्रेरी 📖📖*

    *ये msg सभी बीएड व बीएसटीसी. प्रशिक्षु अपनी ईमेल से nep.edu@nic.in पर भेजे ओर आपत्ति दर्ज कराए।*
    *🎗📓 शिक्षा जगत समाचार 📓🎗*
    https://www.facebook.com/groups/422360518220835/
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  5. सेवा में*

    *श्री मान शिक्षा मंत्री* *महोदय*
    *एम एच आर डी*
    *नई दिल्ली*

    *विषय: नई शिक्षा नीति ड्राफ्ट 2019 में सुधार के संबंध में*

    *महोदय*

    *नई शिक्षा नीति का हम स्वागत करते है इससे जरूर अच्छे शिक्षक और विद्यार्थी समाज को मिलेंगे।लेकिन*

    *इस ड्राफ्ट में कुछ कमियां प्रमुख है:*

    *1- इंटरव्यू पूरी तरह से पहले ही खत्म किया जा चुका है तो इंटरव्यू पूरी तरह से खत्म होना चाहिए क्योंकि यह भ्रष्टाचार को चरम सीमा तक बढ़ाने का कार्य करेगा।*

    *2- बीआरसी पर होने वाला डेमो अधिकारियों के लिए सिर्फ भ्रष्टाचार का एक जरिया बन जाएगा।*

    *3- तीन साल का प्रोवेशन टाइम नहीं होना चाहिए उसको दो साल का ही रहना चाहिए।*

    *4- NTA जो भी एग्जाम ले वो भी नियुक्ति से पहले हो*

    *5- टीईटी के बाद सुपर टीईटी में 14 विषयों को मिलाकर एग्जाम लिया जा रहा है जिससे NTA परीक्षा की कोई भी आवश्यकता ही नहीं है*

    *6- टीईटी को भले ही आप कठिन स्तर का बना दे लेकिन बार बार पास करने की वैधता खत्म होनी चाहिए।*

    *7- यूजीसी नेट की तरह सीटेट और टीईटी दोनों आजीवन मान्य हो।*

    *8- जब टीईटी पास कर ले उसके बाद भी लिखित पेपर क्यों*

    *महोदय जो विचार मैंने आपके समक्ष प्रस्तुत किए है कृपया उन बिंदुओं पर विचार हो।*

    * गजेंद्र सिंह सोलंकी (एडमिन पैनल)*
    *📖📖 सर्वश्रेष्ठ लाईब्रेरी 📖📖*

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  6. सेवा में

    श्री मान शिक्षा मंत्री महोदय
    एम एच आर डी
    नई दिल्ली

    विषय: नई शिक्षा नीति ड्राफ्ट में सुधार के संबंध में

    महोदय

    नई शिक्षा नीति का हम स्वागत करते है इससे जरूर अच्छे शिक्षक और विद्यार्थी समाज को मिलेंगे।लेकिन

    इस ड्राफ्ट में कुछ कमियां प्रमुख है:

    1- इंटरव्यू पूरी तरह से पहले ही खत्म किया जा चुका है तो इंटरव्यू पूरी तरह से खत्म होना चाहिए क्योंकि यह भ्रष्टाचार को चरम सीमा तक बढ़ाने का कार्य करेगा।

    2- बीआरसी पर होने वाला डेमो अधिकारियों के लिए सिर्फ भ्रष्टाचार का एक जरिया बन जाएगा।

    3- तीन साल का प्रोवेशन टाइम नहीं होना चाहिए उसको एक साल का ही रहना चाहिए।

    4- NTA जो भी एग्जाम ले वो भी नियुक्ति से पहले हो

    5- टीईटी के बाद सुपर टीईटी में 14 विषयों को मिलाकर एग्जाम लिया जा रहा है जिससे NTA परीक्षा की कोई भी आवश्यकता ही नहीं है

    6- टीईटी को भले ही आप कठिन स्तर का बना दे लेकिन बार बार पास करने की वैधता खत्म होनी चाहिए।

    7- यूजीसी नेट की तरह सीटेट और टीईटी दोनों आजीवन मान्य हो।

    8- जब टीईटी पास कर ले उसके बाद भी लिखित पेपर क्यों

    महोदय जो विचार मैंने आपके समक्ष प्रस्तुत किए है कृपया उन बिंदुओं पर विचार हो।

    धन्यवाद

    ये msg सभी प्रशिक्षु अपनी ईमेल से nep.edu@nic.in पर भेजे ओर आपत्ति दर्ज कराए।

    उपेन यादव
    राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ

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  7. ESH BISHNOI1 June 2019 at 22:15
    सेवा में

    श्री मान शिक्षा मंत्री महोदय
    एम एच आर डी
    नई दिल्ली

    विषय: नई शिक्षा नीति ड्राफ्ट में सुधार के । संबंध में

    महोदय

    नई शिक्षा नीति का हम स्वागत करते है इससे जरूर अच्छे शिक्षक और विद्यार्थी समाज को मिलेंगे।लेकिन

    इस ड्राफ्ट में कुछ कमियां प्रमुख है:

    1- इंटरव्यू पूरी तरह से पहले ही खत्म किया जा चुका है तो इंटरव्यू पूरी तरह से खत्म होना चाहिए क्योंकि यह भ्रष्टाचार को चरम सीमा तक बढ़ाने का कार्य करेगा।

    2- बीआरसी पर होने वाला डेमो अधिकारियों के लिए सिर्फ भ्रष्टाचार का एक जरिया बन जाएगा।

    3- तीन साल का प्रोवेशन टाइम नहीं होना चाहिए उसको एक साल का ही रहना चाहिए। और प्रोबेशन टाइम से ही पूर्ण सैलरी भी मिलनी चाहिए

    4- NTA जो भी एग्जाम ले वो भी नियुक्ति से पहले हो क्योकि नियुक्ति के बाद किसी भी एग्जाम का कोई औचित्य नहीं

    5- टीईटी के बाद सुपर टीईटी में 14 विषयों को मिलाकर एग्जाम लिया जा रहा है जिससे NTA परीक्षा की कोई भी आवश्यकता ही नहीं है

    6- टीईटी को भले ही आप कठिन स्तर का बना दे लेकिन बार बार पास करने की वैधता खत्म होनी चाहिए।

    7- यूजीसी नेट की तरह सीटेट और टीईटी दोनों आजीवन मान्य हो।

    8- जब टीईटी पास कर ले उसके बाद भी लिखित पेपर क्यों

    9- टीईटी का एग्जाम हर 6 माह मे होना ही चाहिए
    10- रिक्त पदों पर भर्ती भी हर बर्ष होनी चाहिए

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  8. ESH BISHNOI1 June 2019 at 22:15
    सेवा में

    श्री मान शिक्षा मंत्री महोदय
    एम एच आर डी
    नई दिल्ली

    विषय: नई शिक्षा नीति ड्राफ्ट में सुधार के । संबंध में

    महोदय

    नई शिक्षा नीति का हम स्वागत करते है इससे जरूर अच्छे शिक्षक और विद्यार्थी समाज को मिलेंगे।लेकिन

    इस ड्राफ्ट में कुछ कमियां प्रमुख है:

    1- इंटरव्यू पूरी तरह से पहले ही खत्म किया जा चुका है तो इंटरव्यू पूरी तरह से खत्म होना चाहिए क्योंकि यह भ्रष्टाचार को चरम सीमा तक बढ़ाने का कार्य करेगा।

    2- बीआरसी पर होने वाला डेमो अधिकारियों के लिए सिर्फ भ्रष्टाचार का एक जरिया बन जाएगा।

    3- तीन साल का प्रोवेशन टाइम नहीं होना चाहिए उसको एक साल का ही रहना चाहिए। और प्रोबेशन टाइम से ही पूर्ण सैलरी भी मिलनी चाहिए

    4- NTA जो भी एग्जाम ले वो भी नियुक्ति से पहले हो क्योकि नियुक्ति के बाद किसी भी एग्जाम का कोई औचित्य नहीं

    5- टीईटी के बाद सुपर टीईटी में 14 विषयों को मिलाकर एग्जाम लिया जा रहा है जिससे NTA परीक्षा की कोई भी आवश्यकता ही नहीं है

    6- टीईटी को भले ही आप कठिन स्तर का बना दे लेकिन बार बार पास करने की वैधता खत्म होनी चाहिए।

    7- यूजीसी नेट की तरह सीटेट और टीईटी दोनों आजीवन मान्य हो।

    8- जब टीईटी पास कर ले उसके बाद भी लिखित पेपर क्यों

    9- टीईटी का एग्जाम हर 6 माह मे होना ही चाहिए
    10- रिक्त पदों पर भर्ती भी हर बर्ष होनी चाहिए

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  9. *सेवा में*

    *श्री मान शिक्षा मंत्री* *महोदय*
    *एम एच आर डी*
    *नई दिल्ली*

    *विषय: नई शिक्षा नीति ड्राफ्ट 2019 में सुधार के संबंध में*

    *महोदय*

    *नई शिक्षा नीति का हम स्वागत करते है इससे जरूर अच्छे शिक्षक और विद्यार्थी समाज को मिलेंगे।लेकिन*

    *इस ड्राफ्ट में कुछ कमियां प्रमुख है:*

    *1- इंटरव्यू पूरी तरह से पहले ही खत्म किया जा चुका है तो इंटरव्यू पूरी तरह से खत्म होना चाहिए क्योंकि यह भ्रष्टाचार को चरम सीमा तक बढ़ाने का कार्य करेगा।*

    *2- बीआरसी पर होने वाला डेमो अधिकारियों के लिए सिर्फ भ्रष्टाचार का एक जरिया बन जाएगा।*

    *3- तीन साल का प्रोवेशन टाइम नहीं होना चाहिए उसको एक साल का ही रहना चाहिए।*

    *4- NTA जो भी एग्जाम ले वो भी नियुक्ति से पहले हो*

    *5- टीईटी के बाद सुपर टीईटी में 14 विषयों को मिलाकर एग्जाम लिया जा रहा है जिससे NTA परीक्षा की कोई भी आवश्यकता ही नहीं है*

    *6- टीईटी को भले ही आप कठिन स्तर का बना दे लेकिन बार बार पास करने की वैधता खत्म होनी चाहिए।*

    *7- यूजीसी नेट की तरह सीटेट और टीईटी दोनों आजीवन मान्य हो।*

    *8- जब टीईटी पास कर ले उसके बाद भी लिखित पेपर क्यों*

    *महोदय जो विचार मैंने आपके समक्ष प्रस्तुत किए है कृपया उन बिंदुओं पर विचार हो।*

    *धन्यवाद*

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  10. *सेवा में*

    *श्री मान शिक्षा मंत्री* *महोदय*
    *एम एच आर डी*
    *नई दिल्ली*

    *विषय: नई शिक्षा नीति ड्राफ्ट 2019 में सुधार के संबंध में*

    *महोदय*

    *नई शिक्षा नीति का हम स्वागत करते है इससे जरूर अच्छे शिक्षक और विद्यार्थी समाज को मिलेंगे।लेकिन*

    *इस ड्राफ्ट में कुछ कमियां प्रमुख है:*

    *1- इंटरव्यू पूरी तरह से पहले ही खत्म किया जा चुका है तो इंटरव्यू पूरी तरह से खत्म होना चाहिए क्योंकि यह भ्रष्टाचार को चरम सीमा तक बढ़ाने का कार्य करेगा।*

    *2- बीआरसी पर होने वाला डेमो अधिकारियों के लिए सिर्फ भ्रष्टाचार का एक जरिया बन जाएगा।*

    *3- तीन साल का प्रोवेशन टाइम नहीं होना चाहिए उसको एक साल का ही रहना चाहिए।*

    *4- NTA जो भी एग्जाम ले वो भी नियुक्ति से पहले हो*

    *5- टीईटी के बाद सुपर टीईटी में 14 विषयों को मिलाकर एग्जाम लिया जा रहा है जिससे NTA परीक्षा की कोई भी आवश्यकता ही नहीं है*

    *6- टीईटी को भले ही आप कठिन स्तर का बना दे लेकिन बार बार पास करने की वैधता खत्म होनी चाहिए।*

    *7- यूजीसी नेट की तरह सीटेट और टीईटी दोनों आजीवन मान्य हो।*

    *8- जब टीईटी पास कर ले उसके बाद भी लिखित पेपर क्यों*

    *महोदय जो विचार मैंने आपके समक्ष प्रस्तुत किए है कृपया उन बिंदुओं पर विचार हो।*

    *धन्यवाद*

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  11. *सेवा में,*

    *श्रीमान् शिक्षा- मंत्री महोदय,*
    *एम एच आर डी*
    *नई दिल्ली।*

    *विषय: नई शिक्षा नीति ड्राफ्ट 2019 में सुधार के संबंध में।*

    *महोदय,*

    *नई शिक्षा नीति का हम स्वागत करते है इससे जरूर अच्छे शिक्षक और विद्यार्थी समाज को मिलेंगे।लेकिन*

    *इस ड्राफ्ट में कुछ कमियां प्रमुख है:*

    *1= साक्षात्कार पूरी तरह से पहले ही खत्म किया जा चुका है तो इंटरव्यू पूरी तरह से खत्म होना चाहिए क्योंकि यह भ्रष्टाचार को चरम सीमा तक बढ़ाने का कार्य करेगा।*

    *2= बीआरसी पर होने वाला डेमो अधिकारियों के लिए सिर्फ भ्रष्टाचार का एक जरिया बन जाएगा।यह अध्यापक बनने के इच्छुक गरीब विद्यार्थियों के हित में नहीं है।इसकी बजाय अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उचित तरीके से करवाने के लिए प्रतिबद्ध हो। जिससे कि इसकी आवश्यकता ही नहीं रहेगी ।अतः इसे भी पूर्णतया समाप्त करें।*

    *3= तीन साल का प्रोबेशन टाइम वाली शर्त भी पूर्णतया अनुचित है क्योंकि जो विद्यार्थी अपनी सामाजिक एवम् आर्थिक परिस्थियों के कारण अन्य नौकरी करने लग जाते हैं वो योग्य होते हुए भी यहां नहीं आना चाहेंगे।अतएव इसे भी समाप्त करें।*

    *4= NTA जो भी एग्जाम ले वो भी नियुक्ति से पहले हो।*

    *5=NTA द्वारा सम्बन्धित अध्यापनीय विषय का परीक्षण कर लेने के बाद अन्य विषय की परीक्षाओं की क्या आवश्यकता है।*

    *6= टीईटी को भले ही आप कठिन स्तर का बना दें लेकिन बार बार पास करने की वैधता खत्म होनी चाहिए।*

    *7= यूजीसी नेट की तरह सीटीईटी और टीईटी दोनों आजीवन मान्य हो।*

    *8= जब टीईटी पास कर ले उसके बाद भी लिखित पेपर क्यो?* *9=आज जब चीन,जापान इत्यादि विकसित देश बिना अंग्रेजी भाषा के भी अपनी सांस्कृतिक भाषा के बलबूते पर ही तरक्की कर रहे हैं जिसका जिक्र इस शिक्षा नीति में भी किया गया हैं तो फिर भारत क्यों नहीं कर सकता? आज वैज्ञानिक कम्प्यूटर के लिए संस्कृत को सबसे उपयुक्त भाषा मानते हैं तथा संसार की सबसे वैज्ञानिक एवं प्रामाणिक भाषा इसे ही मानते हैं और इंग्लैण्ड आदि कई देशों ने इसे अपने यहाँ अनिवार्य भी किया हैं तो फिर भारत में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा रहा है?* *10= क्या त्रिभाषा सूत्र ही जरूरी है चतुर्भाषा सूत्र नहीं हो सकता- १-मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा २-संस्कृतभाषा(अनिवार्य रूप से) ३-हिन्दी भाषा(अनिवार्य रूप से) ४-अंग्रेजी /कोई अन्य आधुनिक भाषा(वैकल्पिक) अथवा यदि त्रिभाषा सूत्र ही रखना हो तो इस प्रकार से हो सकता है- १-संस्कृत भाषा(अनिवार्य) २-हिन्दीभाषा(अनिवार्य) ३-मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा/अंग्रेजी/कोई अन्य आधुनिक भाषा(वैकल्पिक) क्योंकि इससे अंग्रेजी सिर्फ वही पढेगा जो इच्छुक होगा यह विदेशी भाषा किसी के ऊपर जबरदस्ती थोपी नहीं जायेगी।वह इसे पढ़ना चाहेगा तो ही लेगा क्योंकि यह जरूरी नहीं है कि सभी इसे पढ़ना चाहे। *11=संस्कृत को जनभाषा बनाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में भी कुछ अंश इसका होना चाहिए जिससे कि भारतीयों की रूचि इसमें फिर से उत्पन्न होने लगेगी। **अतः महोदय जो विचार मैंनें आपके समक्ष प्रस्तुत किए है कृपया उन बिंदुओं पर विचार हो इसी आशा के साथ*

    *धन्यवाद*

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  12. *सेवा में,*

    *श्रीमान् शिक्षा- मंत्री महोदय,*
    *एम एच आर डी*
    *नई दिल्ली।*

    *विषय: नई शिक्षा नीति ड्राफ्ट 2019 में सुधार के संबंध में।*

    *महोदय,*

    *नई शिक्षा नीति का हम स्वागत करते है इससे जरूर अच्छे शिक्षक और विद्यार्थी समाज को मिलेंगे।लेकिन*

    *इस ड्राफ्ट में कुछ कमियां प्रमुख है:*

    *1= साक्षात्कार पूरी तरह से पहले ही खत्म किया जा चुका है तो इंटरव्यू पूरी तरह से खत्म होना चाहिए क्योंकि यह भ्रष्टाचार को चरम सीमा तक बढ़ाने का कार्य करेगा।*

    *2= बीआरसी पर होने वाला डेमो अधिकारियों के लिए सिर्फ भ्रष्टाचार का एक जरिया बन जाएगा।यह अध्यापक बनने के इच्छुक गरीब विद्यार्थियों के हित में नहीं है।इसकी बजाय अध्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उचित तरीके से करवाने के लिए प्रतिबद्ध हो। जिससे कि इसकी आवश्यकता ही नहीं रहेगी ।अतः इसे भी पूर्णतया समाप्त करें।*

    *3= तीन साल का प्रोबेशन टाइम वाली शर्त भी पूर्णतया अनुचित है क्योंकि जो विद्यार्थी अपनी सामाजिक एवम् आर्थिक परिस्थियों के कारण अन्य नौकरी करने लग जाते हैं वो योग्य होते हुए भी यहां नहीं आना चाहेंगे।अतएव इसे भी समाप्त करें।*

    *4= NTA जो भी एग्जाम ले वो भी नियुक्ति से पहले हो।*

    *5=NTA द्वारा सम्बन्धित अध्यापनीय विषय का परीक्षण कर लेने के बाद अन्य विषय की परीक्षाओं की क्या आवश्यकता है।*

    *6= टीईटी को भले ही आप कठिन स्तर का बना दें लेकिन बार बार पास करने की वैधता खत्म होनी चाहिए।*

    *7= यूजीसी नेट की तरह सीटीईटी और टीईटी दोनों आजीवन मान्य हो।*

    *8= जब टीईटी पास कर ले उसके बाद भी लिखित पेपर क्यो?* *9=आज जब चीन,जापान इत्यादि विकसित देश बिना अंग्रेजी भाषा के भी अपनी सांस्कृतिक भाषा के बलबूते पर ही तरक्की कर रहे हैं जिसका जिक्र इस शिक्षा नीति में भी किया गया हैं तो फिर भारत क्यों नहीं कर सकता? आज वैज्ञानिक कम्प्यूटर के लिए संस्कृत को सबसे उपयुक्त भाषा मानते हैं तथा संसार की सबसे वैज्ञानिक एवं प्रामाणिक भाषा इसे ही मानते हैं और इंग्लैण्ड आदि कई देशों ने इसे अपने यहाँ अनिवार्य भी किया हैं तो फिर भारत में इसे अनिवार्य क्यों नहीं किया जा रहा है?* *10= क्या त्रिभाषा सूत्र ही जरूरी है चतुर्भाषा सूत्र नहीं हो सकता- १-मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा २-संस्कृतभाषा(अनिवार्य रूप से) ३-हिन्दी भाषा(अनिवार्य रूप से) ४-अंग्रेजी /कोई अन्य आधुनिक भाषा(वैकल्पिक) अथवा यदि त्रिभाषा सूत्र ही रखना हो तो इस प्रकार से हो सकता है- १-संस्कृत भाषा(अनिवार्य) २-हिन्दीभाषा(अनिवार्य) ३-मातृभाषा/क्षेत्रीय भाषा/अंग्रेजी/कोई अन्य आधुनिक भाषा(वैकल्पिक) क्योंकि इससे अंग्रेजी सिर्फ वही पढेगा जो इच्छुक होगा यह विदेशी भाषा किसी के ऊपर जबरदस्ती थोपी नहीं जायेगी।वह इसे पढ़ना चाहेगा तो ही लेगा क्योंकि यह जरूरी नहीं है कि सभी इसे पढ़ना चाहे। *11=संस्कृत को जनभाषा बनाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में भी कुछ अंश इसका होना चाहिए जिससे कि भारतीयों की रूचि इसमें फिर से उत्पन्न होने लगेगी। **अतः महोदय जो विचार मैंनें आपके समक्ष प्रस्तुत किए है कृपया उन बिंदुओं पर विचार हो इसी आशा के साथ*

    *धन्यवाद*

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  13. सेवा में श्रीमान शिक्षा महोदय न्यू दिल्ली


    श्रीमान जो आपने शिक्षा नीति लागू की वह भ्रष्टाचार का एक जरिया है इससे विद्यार्थी को शिक्षक बनना कठिन हो जाएगा चार पांच साल तो शिक्षक बनने में लग जाएंगे यदि यही करना था तो बीएसटीसी बीएड यह क्यों लागू की दो-तीन साल तो इनमें ट्रेनिंग होती है श्रीमान मेरा तो यह निवेदन है कि इसे लागू नहीं करना चाहिए

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