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उपचूनावो की घोषणा के साथ बेरोजगारों ने बजा डाला बिगुल,सरकार की बेरोजगार विरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव,इन प्रत्याशीयों को उतारा मैदान में

Jaipur
Bypoll election 2017
राजस्थान में उपचूनावो का बिजुल बीज चुका है,अजमेर अलवर ओर मांडलगढ़ के लिए चुनाव की तारीख़ का एलान हो चुका है। इस बार राजस्थान के इतिहास में पहली बार बेरोजगार भी अपने प्रत्याशी उतार कर चुनाव लड़ने जा रहे।इसके लिए बरोज़गार युवाओं के संगठन राजस्थान बेरोज़गार एकीकृत महासंघ ने इन तीनों सीटों पर बाकायदा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। इसके तहत ये संगठन अपने प्रतिनिधियों को बतौर प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारने जा रहा है। विगत 6 सालो से राजस्थान के बेरोजगारों के लिए संघर्षरत संघठन ने सरकार के बेरोजगार विरोधी नीतियों से परेशान होकर यह फैसला लिया है।

अजमेर,मांडलगढ़ सीटों पर प्रत्याशियों की हुई घोषणा
राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ की ओर से फिलहाल दो सीटों अजमेर लोकसभा और मांडलगढ़ विधानसभा पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया गया है। घोषित किये गए दोनों ही प्रत्याशी बेरोज़गार हैं। अजमेर लोकसभा सीट पर हरीश चंद्र त्रिपाठी नाम के बेरोज़गार युवा को चुनाव मैदान में उतारा जा रहा है। हरीश पढ़े-लिखे बेरोज़गार हैं। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले हरीश ने बीए-बीएड किया है। डिग्री लेने के बाद भी हरीश अब तक नौकरी की बाट जोह रहा है। लिहाज़ा वो खुद जैसे बाकी हज़ारों-लाखों बेरोज़गारों का प्रतिनिधि बनकर चुनाव लड़ने जा रहा है।

 वहीं मांडलगढ़ विधानसभा सीट  से हरिलाल जाट नाम के बेरोज़गार युवा को चुनाव मैदान में उतारा जा रहा है। इससे पहले हरिलाल एबीवीपी संगठन से जुड़ा रहा था। हरीलाल ने साल 2015 में शिवचरण माथुर महाविद्यालय से अध्यक्ष पद पर छात्रसंघ चुनाव जीता था। अब बेरोज़गारों के प्रति सरकार के रवैये से परेशान हरिलाल ने एबीवीपी छोड़कर बेरोज़गार संगठन से नाता जोड़ा है।

भर्तियो के सँघर्ष ओर चुनाव में बेरोजगारों के प्रचार से जुड़ी खबर वीडियो में इस लिंक पर

https://youtu.be/utiDFV_BKCU

जल्द होगी अलवर के प्रत्याशी की घोषणा
राजस्थान बेरोज़गार एकीकृत महासंघ ने फिलहाल अलवर सीट पर प्रत्याशी की घोषणा नहीं की है। गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने इस सीट पर डॉक्टर करण सिंह यादव को प्रत्याशी बनाया है तो वहीं बीजेपी ने कुछ नामों का पैनल बना लिया है लेकिन किसी एक नाम की घोषणा नहीं की है। ऐसे में बेरोज़गार महासंघ के संघठन मण्डल बीजेपी के प्रत्याशी का नाम घोषित होने के बाद ही अपने पत्ते खोलने का मन बना चुका है।
 सूत्रों के मुताबिक़ यदि इस सीट पर कांग्रेस के करण यादव के सामने बीजेपी के जसवंत यादव उतारे जाते हैं तो बेरोज़गार महासंघ के संघठन सदस्य और पदाधिकारी अध्यक्ष उपेन यादव खुद को चुनाव मैदान में उतार सकते है। इसके लिए जल्द निर्णय होगा।

पुलिस भर्ती की खबर के लिए इस लिंक पर जाए

http://www.rajbem29.tk/2017/12/2017-3.html

सरकार की बेरोजगार विरोधी नीतियों के बाद लिया निर्णय
महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव के अनुसार राजस्थान के बेरोजगार आज सड़को पर घूमने के लिए मजबूर है सरकार इसके लिए जिमेदार है।सरकार भर्तीयों को अटकाकर बेरोजगारों को प्रताड़ित करती है जिससे परेशान होकर हमने सबक सिखाने ओर भाजपा को हराने के लिए चुनाव लड़ने का फैसला

जीत नही बीजेपी की हराना है लक्ष्य
बेरोजगार चुनाव मैदान में अपनी जीत से ज्यादा भाजपा का हराना चाहते है। उपचुनाव वाली सीटों पर पहली बार चुनाव लड़ रहे बेरोज़गार प्रत्याशियों से मुकाबला रोचक बन गया है। हालांकि तीनों सीटों पर हर बार की तरह इस बार भी बीजेपी-कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच सीधी टक्कर बनी रहेगी, लेकिन बेरोज़गार युवाओं की ताकत को कम आंकना इन दोनों ही दलों के लिए भारी पड़ सकता है। बेरोज़गार युवाओं का वोट बैंक भी लाखों में  है जो चुनाव को प्रभावित करने का माद्दा भी रखता है। इस मसले में भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगने से खामयाजा भुगतना पड़ सकता है। बेरोजगार हर घर और गली घूमकर अपने प्रत्याशी का प्रचार करेंगे जिसकी शुरुआत कर चुके है।

इन मांगों को लेकर है बेरोजगारों का संघर्ष।

- सभी लंबित भर्तियों जैसे रीट सेकंड लेवल 2016, शिक्षक भर्ती 2014, एलडीसी 2013, विद्यालय सहायक, स्टेनोग्राफर 2011, शिक्षक भर्ती पंजाबी सहित सभी लंबित भर्तियों की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कर नियुक्ति दी जाए।
- सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती 2016 के बेरोज़गारों को जल्द से जल्द परिणाम जारी कर नियुक्ति दी जाए।
- राजस्थान के बाहर के अभ्यर्थियों के लिए 5 प्रतिशत का ही कोटा तय किया जाए और 51 प्रतिशत पदों पर बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को मौक़ा नहीं दिया जाए। जिससे राजस्थान के बेरोजगारों को फायदा हो सकें।
- राजस्थान के प्रत्येक विभाग में रिक्त पदों पर नई भर्तियां निकाली जाएँ।
- बेरोज़गार बोर्ड का गठन हो और सिस्टम में सुधार किया जाये।
- सभी भर्तियों का कलेण्डर पहले जारी किया जाए।
- रीट शिक्षक भर्ती और राजस्थान पुलिस भर्ती में पद बढ़ाए जाएं
- संविदाकर्मियों को नियमित किया जाए और मानदेय बढ़ाया जाए। पूर्व में कार्यरत अनुभवी कम्प्युटर शिक्षकों को स्थाई किया जाए।
- बेरोज़गारों के ऊपर लगे सभी मुकदमों को वापस लिया जाए।
- PPP मोड पर स्कूलों को दिए जाने का फैसला रद्द किया जाए।

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