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वीडियो : 2 अक्टूबर को बेरोजगारों की अजमेर मे महासभा, इधर मुख्यमंत्री की 25000 शिक्षक भर्ती की घोषणा




जयपुर। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव ने कहा की आजादी के समय देश का संविधान निर्माण करते समय नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान किया गया था। परन्तु वर्तमान सरकारों ने नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन करते हुये शिक्षा , चिकित्सा , परिवहन , पर्यटन , पशु चिकित्सा , विधुत वितरण जैसी लोक कल्याणकारी सेवाओं को निजी हाथों में सौपकर फिर देश को अप्रत्यक्ष रूप से कंपनियों के एवं धनकुबेरों के हाथों में सौपने को काम कर रही है।



जहाँ एक और निजीकरण से रोजगार के अवसर घटेंगे वही दूसरी और शिक्षित बेरोजगार का शोषण होगा।  और अपने चहेतों को लाभ देने के लिए स्कूलों का निजीकरण किया जा रहा है।  बी. एस. टी.सी. व बी. एड. में इंटर्नशीप के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों का शोषण बंद किया जाये एवं नियमों में बदलाव करके राहत प्रदान करावे। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ की ओर से स्कूलों को पीपीपी मोड पर देने के फैसले को नहीं बदला तो बेरोजगार 2 अक्टूबर को अजमेर बेरोजगार क्रांति की शुरुआत करेंगे। स्कूलो को पीपीपी मोड पर देना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
https://youtu.be/WsNJ5yMVV6Q



 महासभा कि ओर से आज एक प्रेस कांफ़्रेंस का आयोजन किया गया जहाँ महासभा के अध्यक्ष उपेन यादव ने मीडिया से रुबरु होते हुए बताया कि सरकार द्वारा बहुत सारी भर्तियां लम्बे समय से लम्बित पडी है जिससे प्रदेश के हजारो बेरोजगार नौकरी की राह ताक रहे है ! लेकिन सरकार टस से मस नही हो रही है। उपेन यादव ने बताया कि प्रदेश मे लगभग 70 हजार पद खाली है इसलिए सरकार जल्द से जल्द लम्बित भर्तीयो पर विज्ञप्ति जारी करे व लम्बित भर्तीयो को जल्द से जल्द पुरा करे जिनमे प्रमुख रुप से तृतीय , द्वितीय ,व प्रथम श्रेणी शिक्षक भर्ती, पटवार, विद्यालय सहायक, प्रयोगशाला सहायक,RPSC  एल. डी. सी. ,पुलिस एस.आई. सहित कई अन्य भर्तीयाँ है।


                                 
गौरतलब है कि अजमेर मे आगामी उपचुनाव को देखते हुए सरकार ने आनन- फानन मे 25,000 तृतीय श्रेणी शिक्षको की भर्ती करने की घोषणा कर दी है ताकी 2 अक्टूबर को प्रस्तावित महासभा स्थगित की जा सके। लेकिन महासभा का घर घर जाकर सरकार के खिलाफ प्रचार करने की योजना है।



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